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BIHAR

बिहार के 2 इकोनॉमिक कॉरिडोर अगले साल होंगे चालू, यूपी और झारखंड से होगा बेहतर सड़क संपर्क

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बिहार में दो इकोनॉमिक कॉरिडोर तथा पटना में कन्हौली-रामनगर के साथ ही तीन सड़कों का लगभग 311 किमी लंबाई में अगले वर्ष निर्माण पूर्ण हो जायेगा। इसमें पहला इकोनॉमिक कॉरिडोर औरंगाबाद-चोरदाहा, दूसरा इकोनॉमिक कॉरिडोर पटना जिले के बख्तियारपुर से रांची के ओरमांझी तक निर्माणाधीन है। बिहार में इसकी लंबाई लगभग 135 किमी है।

बता दें कि इन दोनों इकोनॉमिक कॉरिडोर के निर्माण होने से सड़क नेटवर्क से प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र शानदार ढंग से आपस में जुड़ जायेंगे। इससे प्रदेश में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी तथि रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इसके साथ राजधानी में रिंग रोड का मुख्य हिस्सा कन्हौली से रामनगर के बीच सिक्सलेन लगभग 39 किमी लंबी 2023 तक बनेगा।

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सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश में वाराणसी-औरंगाबाद-चोरदाहा सिक्सलेन इकोनॉमिक कॉरिडोर के निर्माण में लगभग पांच हजार करोड़ रुपये खर्च कर 262 किमी लंबाई में किया जा रहा है। वाराणसी से बिहार के औद्योगिक क्षेत्रों से होते हुए यह इकोनॉमिक कॉरिडोर धनबाद को जोड़ेगा। इस कॉरिडोर की लंबाई यूपी में 57 किमी तथा बिहार में लगभग 135 किमी है। फिलहाल 262 किमी लंबी में से 192 किमी में कार्य जारी है। इसका निर्माण दिसंबर, 2023 तक पूरा होगा।

वहीं, बचे हुए लगभग 70 किमी का काम अवार्ड किया गया है। 2024 तक इसका निर्माण पूरा होने की उम्मीद है। इसके साथ बिहार के बख्तियारपुर से रांची के ओरमांझी तक लगभग 280 किमी लंबाई में करीब 7 हजार करोड़ रुपये खर्च कर सिक्सलेन इकोनॉमिक कॉरिडोर बन रहा है। इसमें से लगभग 116 किमी लंबाई में सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है।