इरफान पठान ने संघर्ष की बदौलत क्रिकेट की दुनिया में बनाई पहचान, जाने इरफान पठान की सक्सेस स्टोरी।

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इरफान पठान की गिनती भारतीय क्रिकेट टीम से उभरने वाला सीम गेंदबाज और सबसे प्रतिभाशाली स्विंग गेंदबाज के तौर पर होता था। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कुछ सालों के अंदर उन्होंने अपने शानदार हरफनमौला खेल से सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। साल 2005 वह वक्त था जब इरफान ने अचानक अपने स्विंग को खो दिया और खराब प्रदर्शन के बाद टीम से बाहर हो गए।

बता दें कि इरफान का जन्म 27 अक्टूबर 1984 को गुजरात के बड़ौदा में हुआ था। वह एक बाएं हाथ के मध्यम तेज गेंदबाज और बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं। उनके बड़े भाई युसुफ भी धाकड़ ऑलराउंडर के तौर पर जाने जाते थे। इनके पिता महमूद खान पठान मस्चिद में कार्यरत थे। दोनों भाइयों को बचपन के दिनों से ही क्रिकेट खेलने का काफी शौक था।

इरफ़ान की शुरुआती पढ़ाई मेस हायर सेकंड्री स्कूल, बड़ौदा से कंप्लीट हुई। साथ में इरफ़ान क्रिकेट खेलते थे। शुर में गेंदबाज़ी करते थे, पर कुछ विशेष प्रभाव उनके प्रदर्शन पर नहीं हो रहा था। फिर उन्होंने बल्लेबाज़ी शुरू की और खेलते-खेलते कब वो एक अच्छे ऑलराउंडर खिलाड़ी बन गए।

इरफ़ान ने मक्का में 4 फरवरी 2016 को सफा बेग ना से शादी रचाई। 20 दिसंबर 2016 इस कपल को एक प्यारा बेटा हुआ। इरफान के बेटे का नाम इमरान खान पठान है। शुरुआत में इरफान के परिवार की वित्तीय स्थिति दयनीय थी। बता दें कि 2011 की आईपीएल नीलामी में दिल्ली डेयरडेविल्स ने $1.9 मिलियन डॉलर में खरीदा।

इरफान ने 24 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 28 विकेट लिए थे और 172 रन बनाए थे जिसमें उनका सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर 33 रन था। इस फॉर्मेट में उनका सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन 16 रन देकर तीन विकेट था। इरफान ने 4 जनवरी 2020 को क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास की घोषणा कर दी। रिटायर होने के बाद इरफान इन दिनों क्रिकेट कमेंट्री कर रहे हैं।

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