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BIHAR

मुजफ्फरपुर में बनेगी दवा, सर्जरी और पैथोलॉजी का सामान होगा उत्पादन

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बिहार में सर्जिकल और फार्मा पार्क स्थापित किया जाएगा। मुजफ्फरपुर जिले के बेला इंडस्ट्रियल एरिया की इंडियन ड्रग्स एंड फार्मास्यूटिकल लिमिटेड की भूमि पर इसे डेवलप किया जाएगा। अभी आईडीपीएल की फैक्ट्री ठप है। बिहार सरकार इसकी जमीन रिटर्न लेगी। बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार ने इस बाबत प्रक्रिया आरंभ कर दी है। नियमानुसार ठप पड़ी प्लांटों की भूमि आवंटन बियाडा रद्द कर सकता है। इसी के तहत आईडीपीएल की 25 एकड़ भूमि का आवंटन रद्द किया जा चुका है, बाकी की प्रक्रिया जारी है। दूसरी ओर, केंद्रीय केमिकल एवं फर्टीलाइजर मंत्रालय ने इस संस्थान की भूमि बियाडा को देने पर सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दे दी है।

मुजफ्फरपुर के बेला औद्योगिक एरिया में 65 एकड़ जमीन में आईडीपीएल की प्लांट थीं। इसके 25 एकड़ भूमि को बियाडा ने सर्जिकल और फार्मा पार्क हेतु चिह्नित किया है। इस पार्क में दवा, सर्जरी और पैथोलॉजी के सामान के साथ ही मास्क, ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर, सूई, ऑक्सीजन, पीपीई किट, ग्लब्स, कॉटन और टेस्ट किट आदि की प्रोडक्शन वाली प्लांट लगाई जाएगी। बियाडा के फार्मा और सर्जिकल पार्क में दवा एवं इससे संबंधित सेक्टर में इन्वेस्ट करने वालों को बड़ा अवसर मिलेगा। बियाडा इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलप करके देगा। वहीं निवेशक अपनी प्लांट लगाएंगे।

बता दें कि आईडीपीएल की स्थापना 65 एकड़ जमीन में मुजफ्फरपुर के बेला इंडस्ट्रियल एरिया में साल 1977 में हुई थी। इस प्लांट में नियासिन जैसी विटामिन बी-3 कंपोजीशन, दवाओं के लिए कच्ची सामग्री और एसिटिक बनती थी। यहां से दवा फैक्ट्रियां रॉ मैटेरियल खरीदती थीं। मगर यह फैक्ट्री अप्रैल 1996 में ठप हो गयी। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2019 में आईडीपीएल को बंद करने और इसके कर्मियों को वीआरएस देने का फैसला लिया था। मंत्रिमंडल ने कर्मियों के बकाया तथा अन्य देनदारी को पूर्ण करने के लिए 172 करोड़ रुपए दी। अब किसी कर्मी का बकाया नहीं है।