Connect with us

BIHAR

विक्रमशिला सेतु के समनांतर बनेगा फोरलेन पुल, एसपी सिंगला करेगी निर्माण, बरसात खत्म होते ही शुरू होगा काम।

Published

on

विक्रमशिला सेतु के समानांतर बनने वाले नए पुल के निर्माण में आ रही सारी बाधाओं को दूर कर लिया गया है। बरसात खत्म होते ही पुल निर्माण शुरू हो जाएगा। एसपी सिंगला को पुल निर्माण की जिम्मेदारी मिली है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, नई दिल्ली के द्वारा निविदा की वित्तीय बीड शुक्रवार को खोली गई, जिसमें एसपी सिंगला को टेंडर मिला। आने वाले कुछ दिनों के अंदर ही एसपी सिंगला को वर्क अवार्ड मिल जाएगा। भागलपुर से कहलगांव से सुल्तानगंज का इलाका डॉल्फिन अभ्यारण क्षेत्र घोषित है। संबंधित विभाग से एनओसी लिया जाएगा।

बता दें कि इंजीनियरिंग प्रोक्योरमेंट कंस्ट्रक्शन मोड में पुल निर्माण होगा। 1460 दिनों यानी कि 4 साल में ठेका एजेंसी को पुल का निर्माण करना है। पुल निर्माण का काम एजेंसी को निविदा राशि से 3.75 फीसद अधिक रेट पर मिला है। पुल निर्माण में निविदा राशि 958.38 करोड़ से 35.93 करोड़ अधिक यानी कुल 994.31 करोड़ की लागत आएगी। वहीं, वर्ष 2020 की निविदा राशि 838 करोड़ से 156.31 करोड़ ज्यादा बढ़कर 994.31 करोड़ रुपए हो गई है। इससे पहले पिछले साल फरवरी में लार्सन एंड टूब्रो के नाम से टेंडर तय हो गया था, किंतु Inland Waterways Authority of India यह कहकर निर्माण पर बैन लगा दिया था कि पुल की स्पेन की दूरी 100 मीटर नहीं थी।

आइडब्ल्यूएआइ के द्वारा कम से कम 100 मीटर की स्पेन के दूरी के शर्त पर हचार लेन पुल के लिए चिन्हित एजेंसी भी एक्स्ट्रा राशि की डिमांड कर रही थी। मंत्रालय को यह कहा गया था कि वह 100 मीटर स्पेन पर डिजाइन कर पुल का निर्माण होगा तो उसे 400 करोड़ रुपए से ज्यादा का टेंडर फाइल करना होगा। मंत्रालय ने इसके लिए 5 बार बैठक की फिर बात बनी उसके बाद टेंडर रद्द कर दोबारा टेंडर निकाला।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के बिहार सर्किल के क्षेत्रीय अधिकारी प्रदीप कुमार लाल ने कहा कि विक्रमशिला सेतु के समांतर ने पुल निर्माण हेतु वित्तीय बीड ओपन किया गया है। बरसात खत्म होते ही काम शुरू होगा। एलाइनमेंट में कोई चेंज नहीं किया गया है। इंजीनियरिंग प्रोक्योरमेंट कंट्रक्शन मोड में पुल का निर्माण होगा। सुल्तानगंज से कहलगांव के बीच का इलाका डॉल्फिन अभ्यारण क्षेत्र घोषित है। संबंधित विभाग से जल्द ही अनापत्ति प्रमाण पत्र लेकर निर्माण शुरू होगा।