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BIHAR

पटना को एक और एलिवेटेड रोड की सौगात, 300 करोड़ की लागत से इस इलाके एलिवेटेड रोड का होगा निर्माण

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पटना के सिपारा और मीठापुर के बीच 2.1 किलोमीटर एलिवेटेड सड़क निर्माण को मंजूरी मिल गई है। इसका डिजाइन भी फाइनल हो गया है। सरकार की ओर से हरी झंडी मिलते ही टेंडर की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। इस परियोजना पर टोटल 300 करोड़ की लागत आएगी। बता दें कि इस डिजाइन को एक साल में बिहार राज्य पथ विकास निगम के अभियंताओं ने बनाया है।

यहां पूर्व में जमीन पर सड़क बनाने का प्रस्ताव था लेकिन इस पर 100 करोड़ रुपए की लागत आनी थी। लेकिन, अब एलिवेटेड सड़क का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावे मीठापुर गोलंबर के दक्षिण और चौराई बढ़ेगी, ताकि वाहनों का आवागमन सुलभता से हो सके। नए डिज़ाइन पर परियोजना पूर्ण हो जाने के बाद लोगों को शानदार कनेक्टिविटी मिलेगी।

प्रतीकात्मक चित्र

निगम के अधिकारी बताते हैं कि एक वर्ष पूर्व 8.86 किमी लंबी मीठापुर से मावली सड़क का निर्माण काम प्रारंभ हुआ था। लेकिन मीठापुर से सिउरा के मध्य डिजाइन में चेंजिंग हो जाने के बाद 2.1 किलोमीटर का काम पर पाबंदी लगा दी गई। फिलहाल 6.86 किलोमीटर का निर्माण कार्य सिपरा से महुली के बीच चल रहा है। मीठापुर-महुली एलिवेटेड सड़क बन जाने के बाद दक्षिण पटना वासियों को डायरेक्ट लाभ मिलेगा। इसके अलावा पटना-गया-डोभी सड़क मिलने के बाद गया, जहानाबाद जैसे इलाकों में जाम की समस्या से मुक्त वाहनों का आवाजाही होगा। अधिकारियों की मानें तो अटल पथ के तर्ज पर मीठापुर-महुली एलिवेटेड सड़क पर यू-टर्न नहीं बनेगा। सर्विस रोड का इस्तेमाल चढ़ने और उतरने के लिए करना होगा।

इस एलिवेटेड सड़क के निर्माण होने से कई फ्लाईओवरों को कनेक्टिविटी मिलेगी। कंकड़बाग, गांधी मैदान, बेली रोड आदि इलाके वासियों को जीपीओ एलिवेटेड गोलंबर, करबिगहिया एलिवेटेड गोलंबर, मीठापुर एलिवेटेड गोलंबर, आर ब्लॉक एलिवेटेड गोलंबर होते हुए मीठापुर-महुली सड़क पर पहुंच सकेंगे। वहीं, उत्तर बिहार से जेपी सेतु होते हुए आने वाले लोग अटल पथ होते हुए आर ब्लॉक पहुंचेंगे। फिर भिखारी-ठाकुर फ्लाईओवर होते हुए मीठापुर लेग से मीठापुर-महुली रोड पहुंचे पाएंगे।

बता दें कि 600 करोड़ की राशि खर्च कर 6.86 किलोमीटर लंबी एलिवेटर सड़क का निर्माण सिपारा से महुली के बीच चल रहा है। पाया का निर्माण कार्य लगभग लगभग खत्म हो गया है। स्पैन चढ़ाने का काम शुक्रवार से शुरू हुआ है। एजेंसी को बारिश शुरू होने से पूर्व काम में तेजी लाने का आदेश दिया गया है। इस काम को 2024 के जून तक पूरा करने का टारगेट है।