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बिहार के इन जिलों के मॉडर्न रिकॉर्ड रूम का निर्माण हुआ पूरा, जाने लोगों को कैसे मिलेगा इसका लाभ

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अंचलों के मॉडर्न रिकॉर्ड रूम काफी जल्द ही सेवा में आयेंगे। बिहार के सभी 534 अंचलों में इसे स्थापित करने की योजना अपने अंतिम चरण पर है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा द्वारा अभिलेखागार के लिए उपकरणों की खरीदारी का आदेश दिया गया है। साथ ही उनके द्वारा उन अंचलों से सामान की इगरीदारी हेतु दी गई राशि की उपयोगिता प्रमाण पत्र की मांग की गई है। इस उपयोगिता प्रमाण पत्र को सर्वे निदेशालय में जमा किया जाएगा।

डिजिटल इंडिया भू अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम के अंतर्गत अंचल मुख्यालय पर डाटा केंद्र सह आधुनिक अभिलेखागार का निर्माण किया जा रहा है। इसके निर्माण पर काफी पैसे खर्च होंगे जिसका 90 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार द्वारा दिया जाएगा। इस कार्यक्रम के अंतर्गत बिहार के कुल 534 अंचल में से 467 अंचलों में भवन का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। इन 467 अंचलों से लगभग 350 अंचलों के लिए उपकरणों की खरीदारी की जा चुकी है और साथ ही उपकरण को स्थापित भी कर दिया गया है। शेष बचे अभिलेखागार के लिए उपकरण मद में राशि दी जा चुकी है।

बिहार के 38 जिलों में से 14 जिलों में मॉडर्न रिकॉर्ड रूम का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। इस बात की जानकारी केंद्रीय भू संसाधन विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई है। इन जिलों में अररिया, बांका, भोजपुर, जमुई, जहानाबाद, भागलपुर, किशनगंज, लखीसराय, मुजफ्फरपुर, नालंदा, पश्चिम चंपारण, पूर्णिया, सीतामढ़ी और वैशाली जिला हैं।

मॉडर्न रिकॉर्ड रूम की मदद से रैयतों को जमीन से संबंधित 26 प्रकार की सेवाएं प्रदान की जाएगी। रैयत आसानी से साधारण शुल्क जमा कर किसी भी दस्तावेज की कॉपी प्राप्त कर सकते हैं। इनमें रजिस्टर टू और खतियान की कापी महत्वपूर्ण है। प्रत्येक रिकॉर्ड रूम में आपरेटरों की तैनाती की जा रही है। उपकरण के रूप में चार कंप्यूटर, प्रिंटर, स्कैनर लगाए जा रहे हैं। यहां सीसीटीवी कैमरे को भी लगाया जा रहा है जो पूरे कार्य पर नजर बनाए रखेगा।