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बिहार के मरीजों को नहीं जाना पड़ेगा दिल्ली, पटना एम्स में ही मिलेगी तमाम सुविधाएं, स्वास्थ्य मंत्री ने किया उद्घाटन

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पटना एम्स में रोगियों के लिए सुविधाओं में बढ़ोतरी की जा रही है। अब एम्स में क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक का निर्माण किया जा रहा है। सीसीयू और आईसीयू के 150 बेड की व्यवस्था की जाएगी। केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं उर्वरक मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने इन कार्यो की आधारशिला रख दी है। इन कामों को पूरा हो जाने के बाद सीसीयू और आईसीयू के 271 बेड हो जाएंगे। फिलहाल रामा और इमरजेंसी में 121 आईसीयू बेड हैं।

बता दें कि क्रिटिकल केयर ब्लॉक बन जाने से गंभीर और आयुष्मान योजना के रोगियों को काफी लाभ मिलेगा। इसके अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने चिकित्सकों के आवास के लिए फैकेल्टी ब्लॉक एवं शैक्षणिक खंड के निर्माण की आधारशिला रख दी है। इसके साथ ही अत्याधुनिक ऑडिटोरियम का लोकार्पण किया गया।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने आयोजित कार्यक्रम में कहा है कि अब बिहार के मरीजों को दिल्ली जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। पटना एम्स में ही मरीजों को सभी आवश्यक यंत्र, अत्याधुनिक मशीनें जल्द ही उपलब्ध कराई जाएगी। दरभंगा एम्स भी बहुत जल्द तैयार होने की बात उन्होंने कही। इमरान पाटलिपुत्र के सांसद रामकृपाल यादव ने पटना एम्स इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर के विस्तार के लिए आग्रह किया। चिकित्सकों के खाली पदों पर नियुक्ति करने की मांग उन्होंने की। सांसद ने बताया कि न्यूरोमेडिसिन और नेफ्रोलॉजी सहित कई विभागों में डॉक्टरों के पद को भरा जाना है।

सांसद रामकृपाल यादव ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री का ध्यान दिलाते हुए कहा कि एम्स में एमआरआई और सीटी स्कैन के लिए एक-एक वर्ष की वेटिंग है। उन्होंने इसके लिए स्थाई निदेशक की बहाली करने की मांग की। बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और मोतिहारी से सांसद डॉक्टर संजय जयसवाल ने एम्स विस्तार के लिए 25 एकड़ भूमि अधिग्रहण करने को कहा। राज्य सरकार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कहा कि भूमि अधिग्रहण का काम जल्द ही पूरा होगा। इस पर अफसरों के साथ लगातार बातचीत जारी है। सीएम ने भू-अर्जन से संबंधित दस्तावेज मांगे हैं।