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बिहार के इस चर्चित जिले में इकोनोमिक कोरिडोर का निर्माण शुरू, 5000 करोड़ की आएगी लागत

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औरंगाबाद जिले में लगभग 6 सालों से बंद पड़ा जीटी रोड का सिक्सलेन काम शुरू हो गया है। बारुण से लेकर मदनपुर तक लगा 50 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण शुरू हुआ है। काम को दिसंबर, 2023 तक पूरा करने का टारगेट रखा गया है। सड़क निर्माण में जुटे कंपनी के अधिकारी की मानें तो दो दिन पहले कोईलवर पुल के लोकार्पण समारोह में केंद्र सरकार के परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस बारे में घोषणा की है। नितिन गडकरी ने इस सड़क को इकोनामिक कॉरिडोर के रूप में विकसित करने का ऐलान किया है।

मंत्री के घोषणा के बाद इस सड़क को इकोनामिक कॉरिडोर के रूप में बनाया जा रहा है। सड़क बनने से उद्योग धंधा स्थापित होंगे और माल वाहक गाड़ियों के लिए इकोनोमिक कोरिडोर महत्वपूर्ण साबित होगा। लगभग 5000 करोड़ की राशि खर्च कर इस सड़क को वाराणसी से झारखंड के धनबाद तक निर्माण करना है। अभी चोरदाहा तक सड़क निर्माण हो रहा है। मौजूदा समय में सड़क को सिक्स लेन में बनाया जा रहा है पर भूमि का अधिग्रहण आठ लेन के लिए हुआ है। अब तक दो कंपनी काम भी छोड़ चुकी है।

जीटी रोड का काम साल 2016 में शुरू हुआ था तब सीएंडसी आइसोलक्स कंपनी काम कर रही थी। कंपनी ने बीच में ही काम छोड़कर चल गई। फिर बनारस के और सिक्सलेन का काम सोना कंपनी को देना एनएचएआई ने कार्य की जिम्मेदारी सौंपी। यह कंपनी अभी आधा अधूरा काम करके चली गई। कंपनी ने कैंप में करोड़ों रूपए छोड़कर काम छोड़ने का फैसला किया। फिर बाद में खबर आई कि कंपनी के एक सौ करोड़ कि समान भी चोरी हो गई।

जिले के लोगों को वाराणसी से कोलकाता तक बनने वाला ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का भी तोहफा मिला है। एनएचएआई के अधिकारी की मानें तो इस एक्सप्रेसवे के लिए डीपीआर बनाया जा रहा है। जल्द ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी। यह एक्सप्रेसवे जिले के देव प्रखंड, नवीनगर और कुटुंबा से होकर गुजरेगी। लगभग 30 हजार करोड़ खर्च कर इसका निर्माण हो रहा है। अधिकारी ने कहा कि नितिन गडकरी एक्सप्रेस-वे के निर्माण को लेकर पूरी तरह गंभीर है।