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BIHAR

पटना से राजगीर जाना होगा आसान, कम जाएगी 33 Km, एक्टिव मोड में हैं मुख्यमंत्री नीतीश

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राजधानी पटना से राजगीर की दूरी 33 किलोमीटर घट जाएगी। टूरिस्ट में ऑफ राजगीर के बनने से राजधानी पटना से राजगीर का डिस्टेंस केवल 75 किलोमीटर रह जाएगा। मौजूदा समय में राजधानी से बख्तियारपुर बिहार शरीफ के रास्ते राजगीर जाने में 108 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को करौटा-सालेहपुर-राजगीर मार्ग का हवाई सर्वेक्षण कर मुआयना किया। सीएम ने अधिकारियों को नूरसराय से राजगीर तक बनने वाले पथ को ग्रीन फील्ड प्रोजेक्ट के रूप में विकसित करने का आदेश दिया।

सीएम नीतीश ने कहा कि इस पथ के बनने से राजगीर की दूरी घट जाएगी और समय भी बचेगा। लोगों को बख्तियारपुर-ताजपुर रोड होते हुए वैशाली तक जाने में सहूलियत होगी। बुद्ध सर्किट के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। सीएम ने सालेहपुर में जरूरी के अनुसार एलिवेटेड रोड और रेल ओवरब्रिज बनाने को लेकर कार्रवाई करने का आदेश दिया। विदित हो कि नूरसराय में रेल लाइन क्रॉस करने के लिए रेल ओवरब्रिज बनाया जा रहा है।

ऐसे में बिना रोकथाम के सालेहपुर से नानंद रोड में एक गाड़ी जाने के लिए अंडरपास के निर्माण पर अनुमति बनी है। वहीं करौटा से ताजपुर-बख्तियारपुर पुल को जोड़ने के लिए नया रूट खोजा जा सकता है। राजधानी से करौटा का डिस्टेंस 30 किलोमीटर, उतरा के रास्ते सालहेपुर की दूरी 19.43 किमी तो सालेहपुर से राजगीर का डिस्टेंस ग्रीनफील्ड केवल 26 किलोमीटर रह जाएगी। हवाई सर्वेक्षण में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रधान सचिव दीपक कुमार, पथ निर्माण विभाग के सचिव प्रत्यय अमृत और सीएम के सचिव अनुपम कुमार भी उपस्थित थे।

जल्द ही टूरिस्ट वे ऑफ राजगीर बुद्ध सर्किट का हिस्सा होगा। यह सर्किट यूपी के कुशीनगर से वैशाली, करौटा होते हुए तेलमर, सालेहपुर, सिलाव, नानंद, नालंदा के रास्ते राजगीर, गया, सारनाथ रूट होते हुए कुशीनगर में जाकर मिलेगा। आधिकारिक रूप से मिली जानकारी के मुताबिक हफ्ते भर पहले जापान की टीम ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। टीम रिपोर्ट तैयार करके जापान सरकार को सौंपेगी। उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार जापान मंजूरी दी और जल्द ही सर्किट निर्माण बनाने की प्रक्रिया शुरू हो सके।

हनुमान चौधरी जो पथ निर्माण के प्रमुख अभियंता हैं। उन्होंने कहा है कि टूरिस्ट वे ऑफ राजगीर ऐसे जगहों से गुजरा है, जहां की जनसंख्या कम है। ऐसे में इस सड़क पर यातायात दवाब कम होगा। इसके साथ ही, दर्जनभर से ज्यादा नये गांवों का डेवलपमेंट होगा। करौटा से सालेहपुर तक 10 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण किया जा रहा है। सालेहपुर से राजगीर रोड को ग्रीनफील्ड बनाने पर विचार हुआ।