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अगुवानी-सुल्तानगंज महासेतु के सुपरस्ट्रक्चर का निर्माण आई तेजी, जाने कब तक पूरा होगा इस महासेतु का निर्माण

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गंगा नदी पर बन रहे अगुवानी-सुल्तानगंज के बीच महासेतु बनाने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। इसके साथ ही सड़क बनाने का काम भी तेजी से चल रहा है। बता दें कि महासेतु के दोनों ओर टोटल 25 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण करना है। इसमें अगुवानी से पसराहा तक 21 किलोमीटर लंबी सड़क बनेगी। महासेतु और पहुंच पथ को बनाने में 1710 करोड़ की राशि खर्च हो रही है। हरियाणा की एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन कंपनी मार्च 2015 से ही निर्माण कार्य में लगी हुई है।

निर्माण एजेंसी एसपी सिगला कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर आलोक कुमार झा बताते हैं कि गंगा नदी के ऊपर बन रहे सुपरस्ट्रक्चर का काम तेज रफ्तार से चल रहा है। अगुवानी से सुल्तानगंज तक गंगा नदी पर 3.160 किलोमीटर लंबी फोर लेन महासेतु का निर्माण का काम अंतिम दौर में है। सुपर स्ट्रक्चर के 3.160 किलोमीटर का काम पूर्ण हो चुका है। बाकी 660 मीटर पर तीव्र रफ्तार से काम जारी है।

प्रतीकात्मक चित्र

गंगा की मुख्यधारा है, पाया संख्या 7 और 8 के बीच सबसे ज्यादा 270 मीटर का डिस्टेंस है। इस पर सुपर स्ट्रक्चर का आधा काम हो चुका है। और बाकी पर तेज रफ्तार से काम चल रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि बाढ़ से पहले गंगा पर 3.160 किलोमीटर में सुपर स्ट्रक्चर का काम पूरा करने के लिए कामगार दिन-रात भिड़े हुए हैं। इसके साथ ही महासेतु के संपर्क पथ का निर्माण जोरों से चल रहा है।

बता दें कि विभाग द्वारा मार्च 2020 तक महासेतु पर आवागमन का आदेश था। लेकिन 2019 में आई बाढ़ ने रुकावट डाला। जिसके बाद 2021 तक महासेतु पर आवागमन चालू रहा। गत वर्ष कोविड के चलते लॉकडाउन में काम प्रभावित रहा। अब 2022 तक बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि साल के आखिर तक पुल पर आना-जाना शुरू हो जाएगा। मालूम हो कि 23 फरवरी 2014 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने परबत्ता के केएमडी कॉलेज मैदान में महासेतु की आधारशिला रखी थी।