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BIHAR

औरंगाबाद के रफीगंज रेलवे ब्रिज निर्माण के लिए कवायद तेज, जमीन खाली कराने में लगे सीओ और अमीन।

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औरंगाबाद के रफीगंज में लगभग पांच सालों से लंबित शहर का मुख्य रेलवे ओवरब्रिज निर्माण का कार्य फिर से शुरू हो सकता है। पांच साल पहले काम हुआ था लेकिन 10 प्रतिशत भी काम नहीं हो सका। यहां से गया-पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेल खंड गुजरी है। इसी रेलखंड से एसएच-68 शिवगंज-रफीगंज-बैदरबाद सड़क होकर गुजरती है। रेलवे क्रासिग होने के किरण घंटों तक सड़क पर जाम रहता है। लोग जाम की समस्या से जूझते रहते हैं जबकि यह सड़क शहर का लाइफलाइन है।

निर्माण स्थल की जमीन अतिक्रमित है, जबकि भूमि बिहार सरकार एवं केसरी हिद है। जमीन को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए प्रखंड के अमीन अमीन ज्योति प्रसाद गुप्ता एवं बीएसआरबीसीएल परियोजना के अमीन जितेंद्र प्रसाद द्वारा संयुक्त तौर पर मापी कर सीमांकन कराया गया है।

संकेतिक चित्र

परियोजना के सहायक अभियंता विश्व रंजन एवं कनीय अभियंता प्रभु प्रसाद बताते हैं कि रेल ओवरब्रिज की टोटल लंबाई 720 मीटर है। इसकी चौड़ाई 08.7 मीटर होगी। रफीगंज से रेलवे लाइन तक ब्रिज के उत्तर की ओर स8.50 मीटर चौड़ी सड़क एवं सड़क के पास से 0.7 मीटर चौड़ा नाला बनाया जाएगा। रेलवे लाइन से उतर ब्रिज के दोनों तरफ 3.5 मीटर सड़क एवं 0.7 मीटर नाला बनाया जाएगा।

सीओ अवधेश कुमार सिंह बताते हैं कि इस परियोजना के लिए जमीन की मापी का सीमांकन कराते हुए जमीर को 8 अप्रैल तक अतिक्रमण मुक्त करने का आदेश से मिला हुआ है। उधर, रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) द्वारा रेलवे यात्रियों के लिए जागरूकता मुहिम चलाया गया। इस दरम्यान यात्रियों को किसी अपरिचित व्यक्तियों द्वारा मिले खाद्य-पदार्थ ना खाने को लेकर सचेत किया गया।

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