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बिहार से होकर गुजरेंगे चार एक्सप्रेसवे, इन शहरों में बनेगा रिंग रोड, कवायद शुरु

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बिहार के पांच शहरों में रिंग रोड का निर्माण होगा। राजधानी पटना के साथ-साथ गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और दरभंगा शहर में रिंग रोड निर्माण की योजना है। वहीं राज्य के आठ शहरों में बाईपास बनाए जाएंगे। पथ निर्माण विभाग के मंत्री नितिन नवीन ने विधानसभा में गुरुवार को घोषणा की कि भारतमाला परियोजना फेज-टू के तहत बिहार से चार एक्सप्रेसवे होकर गुजरेंगे। मंत्री ने सदन में 58198.02 करोड़ रुपए का बजट पेश किया। विपक्ष द्वारा हंगामा व वॉकआउट करने के बाद भी बजट ध्वनि मत से पारित हो गया।

नितिन नवीन ने सदन में वित्तीय साल 2022-23 के दौरान सूबे में सुलभ संपर्कता प्रदान करने हेतु शुरू की जाने वाली परियोजनाओं के बारे में विस्तार रूप से जानकारी दी। मंत्री ने बताया कि चार शहरों के डीएम से रिंग रोड निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण का प्रस्ताव भेजने का आदेश दिया गया है। प्रस्ताव आते ही निर्माण से जुड़ी हुई प्रक्रिया ने बीते साल में शुरू हो जाएगी।

जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए राज्य के 8 जिलों में बाईपास बनेगा। जिन जिलों में बाईपास बनाने की योजना है उनमें अरवल जिले में कुर्था बाइपास, गोपालगंज में कटैया, वैशाली में हाजीपुर के पास रामाशीष चौक से दिघी बाइपास, गया में शेरघाटी बाजार, नालंदा में अरौत से कोरनामा, पटना में एनएच-30 से बिग्रहपुर के रास्ते करबिगहिया कृषि फॉर्म होते हुए बाइपास, कटिहार में एनएच-81 से एनएच-31 और दरभंगा जिले में जरिसो चौक से विशुनपुर-बेनीपुर भाया बरमाझा पोखर शामिल है। बता दें कि 39.49 किलोमीटर लंबी बाईपास सड़क निर्माण पर लगभग 143 करोड़ रुपए की लागत आएगी।

मंत्री ने जानकारी दी कि ओपीआरएमसी (सतत, सुरक्षित दीर्घकालीन पथ संधारण) नीति के अंतर्गत 2019 से 2026 के दौरान सूबे में 13064 किमी सड़कों का दीर्घकालीन रखरखाव का काम जारी है। इसके साथ ही एक महीने में विश्वेशरैया भवन सचिवालय में कमांड एंड कंट्रोल रूम बनाने का काम चल रहा है। इसके सहयोग से कभी भी किसी सड़क की रियल टाइम ऑनलाइन मॉनीटरिंग कोई भी व्यक्ति कर सकते हैं। कोई भी जनप्रतिनिधि या विधायक किसी भी समय अपनी किसी सड़क की स्थिति जान सकते हैं।

मंत्री ने जानकारी दी कि बिहार से होकर चार एक्सप्रेस-वे गुजरेंगे। गोरखपुर से सिलीगुड़ी के बीच बनने वाला 519 किलोमीटर लंबी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का 416 किलोमीटर हिस्सा बिहार से होकर गुजरेगा। 29 हजार करोड़ रुपए की लागत से इसे बनाया जाना है। वहीं, दूसरा एक्सप्रेस वे सिक्स लेन होगा जो वाराणसी से कोलकाता तक बनेगा। 19 हजार करोड़ से बनने वाली 686 किसी लंबी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का 200 किलोमीटर हिस्सा बिहार के कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और गया से होकर गुजरेगा।

बिहार से होकर गुजरने वाला तीसरा एक्सप्रेसवे रक्सौल-हल्दिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे है। 20 हजार करोड़ की राशि खर्च कर बनने वाली 680 किलोमीटर सिक्स लेन एक्सप्रेस-वे राज्य के रक्सौल, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, हाजीपुर और बांका से होकर गुजरेगी। व्यापारिक नजरिए से इस सड़क के कई मायने निकाले जा रहे हैं। जबकि, चौथा एक्सप्रेसवे पटना-आरा-सासाराम ग्रीनफिल्ड एक्सप्रेस-वे है। 110 किमी लंबी फोरलेन सड़क बनेगी। इसे आरा रिंग रोड से जोड़ने के लिए 318 करोड़ खर्च कर 12 किमी का कनेक्टिंग रोड बनेगा।

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