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बिहार बोर्ड के टापर अंकित से मिलने पहुंचे लोग, तो पिता के साथ ठेले पर बेच रहे थे सब्‍जी

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बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) ने साल 2022 की इंटरमीडिएट के नतीजे घोषित कर दिए हैं। घोषित नतीजे ने यह चरितार्थ कर दिया है मन में लगन हो, कुछ करने का जज्बा हो तो कोई भी रुकावट आपको नहीं रोक सकती। बिहार बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा में कला संकाय की ओवरऑल टॉपर संगम राज की कहानी कुछ ऐसी ही है। संगम के पिता गोपालगंज में ई-रिक्शा चलाकर परिवार का भरण पोषण करते हैं। वहीं कॉमर्स स्ट्रीम के टॉपर अंकित कुमार के पिता राजधानी पटना की गलियों में सब्जी बेचते हैं।

बिहार बोर्ड के रिजल्ट घोषित हुए तो खबर मिला कि अंकित ने वाणिज्य संकाय में स्टेट टॉप किया है, जिसके बाद उनके करीबी और रिश्तेदार साथ ही मीडिया के लोग उनसे मिलने पहुंचे तो पिता की दुकान पर अंकित सब्जी बेचते नजर आए। अपने परिवार के साथ अंकित राजधानी के इंद्रपुरी मोहल्ले में रहते हैं। इसी मोहल्ले की एक गली में पिता सब्जी बेचते हैं। वाणिज्य संकाय में 473 अंक लाकर अंकित ने बीडी कॉलेज को राज्य में नई पहचान दिलाई है।

अंकित ने बताया कि ग्रेजुएशन के बाद यूपीएससी कर देश सेवा करना चाहते हैं। बातचीत में पता चला कि अंकित का पैतृक घर पटना जिले के धनरूआ के वीर गांव में है। 35 साल पहले ही परिवार पटना में आकर बस गया। अंकित बताते हैं कि वह रोजाना 8 घंटे स्वाध्याय करते थे। सोशल मीडिया व इंटरनेट से दूरी बना ली थी। छुट्टी के दिनों में पिताजी की हेल्प करने अंकित दुकान पर सब्जी बेचते थे। उन्होंने बताया कि मां और पिता काफी प्रेरित करते थे।

वहीं कालेज आफ कामर्स, आट्र्स एंड साइंस कालेज के पीयूस ने 472 अंक हासिल किए हैं और वाणिज्य संकाय में दूसरे नंबर पर है। पीयूस की चाहत चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) बनने की चाहते हैं। पीयूष अपनी सफलता का सारा श्रेय माता-पिता और कॉलेज के गुरुजनों को देते हैं। वे रोजाना 6 से 8 घंटे पढ़ाई करते थे। इंटरनेट मीडिया से दूरी बनाकर शाम के समय दोस्तों के साथ ग्रुप डिस्कशन करते थे। मूल रूप से गया जिले के खिजलसराय के रहने वाले पीयूष के पिता डॉक्टर्स कॉलोनी में कंपाउंडर का काम करते हैं। परिवार पटना में 15 सालों से एक किराए के मकान में रहता है।