Connect with us

BIHAR

बिहार कैबिनेट की बैठक में 18 एजेंडे पर लगी मुहर, हर साल 15 फरवरी को मुंगेर में होगा राजकीय समारोह

Published

on

मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक संपन्न हुई। मुख्य सचिवालय के मंत्रिमंडल कक्ष में आयोजित कैबिनेट की बैठक में टोटल 18 एजेंडे पर मुहर लगी। मंत्री परिषद की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए, जिन अट्ठारह एजेंडों पर मुहर लगी है वह इस प्रकार है।

जिन पंचायतों में माध्यमिक स्कूल नहीं है वहां उत्क्रमित एवं नए स्थापित 3,530 हाई स्कूल के इमारत बनाने के लिए पहले से स्वीकृत 2,768 हाई स्कूलों के भवन निर्माण या जिनका निर्माण कार्य बाकी रह गया है उसको पूर्ण करने के लिए 75.30 अरब रुपए राशि मंजूर की गई है।

संकेतिक चित्र

कृषि रोड मैप के कार्यान्वयन की अवधि 31 मार्च, 2021 तक विस्तार कर दी गई। कृषि विश्वविद्यालयों में जैव प्रौद्योगिकी वानिकी एवं कम्युनिटी साइंस विषय में ग्रेजुएशन लेवल पर दाखिल लिए छात्रों को कृषि स्नातक छात्रों के समान स्टाइपेंड प्रदान करने का ऐलान हुआ है।

पटना यूनिवर्सिटी के अंतर्गत नए अकादमिक भवन का निर्माण किया जाएगा। इस पर लगभग 89.45 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। साथ ही योजना के क्रियान्वयन के लिए 30 करोड़ रुपये खर्च करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है। 25 हजार रुपए रिश्वत लेने के मामले में दोषी कृषि सेवा के अधिकारी मनोज कुमार को बर्खास्त किया जया। वहीं, हर साल 15 फरवरी को मुंगेर में तारापुर में शहीदों की याद में राजकीय समारोह आयोजित पर मंजूरी दी गई है।

बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों की सेवा शर्त संशोधन नियमावली 2022 के प्रारूप पर मंजूरी दी गई। बिहार भवन उपविधि 2014 में संशोधन के प्रस्ताव को मंत्रिमंडल की सहमति मिल गई है। वहीं, शहरी योजना और विकास से जुड़ी हुई नियमावली 2014 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी, आगामी बजट सत्र में इससे संबंधित विधेयक को पेश किया जाएगा।

समग्र शिक्षा अभियान योजना के तहत सेवा दे शिक्षकों के वेतन भुगतान के लिए राज्य मद से 22 अरब 56 करोड़ 21 लाख 15 हजार रूपए की स्वीकृति। दिघवारा-शेरपुर छह लेन पुल निर्माण के लिए 86 हेक्टेयर भूमि के जमीन अधिग्रहण के लिए 316 करोड़ 71 लाख 61 हजार रुपए की लागत पर प्रशासनिक मंजूरी मिली है। वहीं, पाटलिपुत्र बस टर्मिनल के विस्तार के लिए पटना जिले में पटना सदर ब्लॉक पांच एकड़ जमीन के अधिग्रहण का निर्णय लिया गया।