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पटना के बाद पूर्णिया और मुजफ्फरपुर में बनकर तैयार होगा खादी मॉल, जल्द शुरू होगा काम, मिलेंगे रोजगार के अवसर।

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पटना के बाद अब राज्य के पूर्णिया और मुजफ्फरपुर में 16 करोड़ 11 लाख खर्च कर खादी मॉल बनाया जाएगा। खादी मॉल की मंजूरी मिलने से पूर्णिया ही नहीं बल्कि सीमांचल के साथ पूरे राज्य वासियों को सरकार का गिफ्ट मिला है। राजधानी के तर्ज पर पूर्णिया और मुजफ्फरपुर में खादी मॉल खुलने से खादी व ग्रामोद्योग से जुड़े लोगों को फायदा तो होगा ही बल्कि सीमांचल क्षेत्र भी इससे गौरवान्वित होगा। ये बातें नीतीश सरकार में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेसी सिंह ने कही।

पूर्णिया में उद्योग विभाग की योजना और खादी मॉल बनाने के लिए खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेसी सिंह और उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन के बीच बातचीत का दौर शुरु से ही जारी है। लेसी सिंह ने उद्योग मंत्री को उस जगह पर घुमाया जहां खादी मॉल बनने योग्य भूमि की उपलब्धता थी और सब कुछ इसके अनुकूल है।

राज्य सरकार के उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन ने कहा कि राजधानी पटना के तर्ज पर मुजफ्फरपुर और पूर्णिया में खादी मॉल बनाने पर मुहर लग चुकी है। मॉल निर्माण के लिए निविदा भी निकल चुका है। बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड की भरसक कोशिश है कि जल्द ही इसका निर्माण शुरू हो। उद्योग मंत्री ने कहा कि रोजगार की संभावनाओं में बढ़ोतरी के लिए राज्य में खादी मॉल खोलने का मकसद है। उन्होंने मंत्री लेसी सिंह की तारीफ भी की।

बता दें कि पूर्णिया के भट्ठा बाजार के लखन चौक के पास बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के भूमि पर खादी मॉल बनाया जाएगा। ग्राउंड समेत तीन मंजिलों में बनने वाले खादी मॉल का कुल बिल्ट अप एरिया 16,800 स्वॉयर फीट होगा। मॉल के प्रथम मंजिल का क्षेत्रफल 3,777 स्क्वॉयर फीट होगा, जहां साड़ी सेक्शन, रेडीमेड गार्मेंट्स, क्लोथ रीम सेक्शन और कैश काउंटर होगा। दूसरे माले पर मीटिंग रुम और गोडाउन होगा वहीं, तीसरे माले पर तीन मल्टीपर्पज हॉल बनाया जाएगा।

मुजफ्फरपुर में जिला स्कूल के पास पक्की सराय रोड पर बिहार राज्य खादी ग्राम उद्योग बोर्ड के पुराने दफ्तर इमारत की जमीन पर खाली माहौल बनाया जाएगा। मालिक मार के लिए सरकार ने 8 करोड़ 11 लाख 51 हजार की स्वीकृति दी है। यहां बनने वाला खाली बोल दो माले का होगा। उद्योग मंत्री ने कहा कि बिहार और खादी का गहरा नाता है। राज के ग्रामीण क्षेत्रों में खादी से काफी रोजगार मिला है इस को बढ़ावा देने से रोजगार की और भी उपलब्ध खुलेगी।

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