Connect with us

BIHAR

पटना में 137 किमी लंबा होगा रिंग रोड, राज्य के इन शहरों में भी बनेगा रिंग रोड, ट्रैफिक सर्वे का काम शुरू

Published

on

राजधानी में बन रहा रिंग रोड नव घोषित अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से शुरू होकर प्रस्तावित बस स्टैंड कन्हौली होते हुए नौबतपुर, डुमरी, बेलदारीचक, रामनगर, सबलपुर, बिदुपुर (वैशाली), सराय, अस्तिपुर, नयागांव, दिघवारा (सारण), शेरपुर होते हुए कन्हौली केक बनाने की योजना है। केंद्र और राज्य सरकार दोनों मिलकर इस परियोजना पर 15 हजार करोड़ की राशि खर्च करेगी। फोर व सिक्स लेन सड़क बनाई जाएगी जिसकी कुल लंबाई 137.5 किलोमीटर होगी। इसके अलावे गंगा नदी पर दो पुल का निर्माण होना है।

बिहार सरकार इन दिनों राज्य के हर हिस्सों में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर करने में जुटी हुई है। इसी कड़ी में बिहार के मुख्य शहरों में रिंग रोड बनाने का प्रस्ताव है। फिलहाल राज्य की राजधानी पटना में रिंग रोड बनाया जा रहा है। आने वाले समय में राजधानी के तर्ज पर अन्य प्रमुख शहरों में रिंग रोड बनाने की योजना है।

इसी संबंध में राज्य सरकार के पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने केंद्रीय सड़क एवं राजमार्ग परिवहन मंत्रालय के आला अधिकारियों के साथ बैठक की है। मिली जानकारी के मुताबिक राज्य के गया, भागलपुर और मुजफ्फरपुर शहर में रिंग रोड बनाने की योजना है। इस सूची में भोजपुर, कटिहार, दरभंगा, छपरा और बेगूसराय पर नाम चल रहा है। केंद्र सरकार ने पथ निर्माण विभाग के इस प्रस्ताव पर सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।

प्रतीकात्मक चित्र

मिली जानकारी के मुताबिक शहरों के चयन की प्रक्रिया चल रही है। सर्वे और बाकी बुनियाद काम कर पथ निर्माण विभाग केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजेगा। राजधानी के अलावे राज्य के अन्य प्रमुख शहरों की उपयोगिता, ऐतिहासिक महत्व, पर्यटन के लिहाज से और लगातार ट्रैफिक के बढ़ते लोड को देखते हुए मंत्री ने रिंग रोड बनाने का प्रस्ताव रखा है, जिस पर मंत्रालय के अधिकारियों ने हामी भर दी है। केंद्र सरकार द्वारा सैद्धांतिक सहमति मिलते ही पथ निर्माण विभाग ने शहरों के चयन की प्रक्रिया भी तेज कर दी हैं।

सूत्रों के मुताबिक जिन शहरों में रिंग रोड बनाने की वजह है, वहां ट्रैफिक लोड की तमाम जानकारी जुटाई जा रही है। विभागीय अधिकारियों ने अनऑफिशियली रूप से जानकारी दी कि भोजपुर और दरभंगा में रिंग रोड बनाने के नाम पर लगभग बात बन चुका है। ट्रैफिक लोड सर्वे के पश्चात पांच शहरों का नाम पथ निर्माण विभाग केंद्रीय सड़क एवं राजमार्ग मंत्रालय को सौंपेगा।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.