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बिहार और नेपाल के बीच 450 करोड़ के लागत से बिछेगा ट्रांसमिशन लाइन का जाल

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बिहार में बिजली की निर्बाध रूप के ज़रिए से आपूर्ति के लिए सरकार द्वारा रक्सौल-बेतिया और गोपालगंज ग्रिड सब स्टेशन के निर्माण में काफी तेज़ी लाई गई हैं। रक्सौल-सीतामढ़ी में बन रहे 220 केवीए ट्रांसमिशन लाइन के बनाने को भी आमतौर पर पूरा करने का आदेश जारी कर दिया गय है। और उसके साथ ही रक्सौल के रामगढ़वा में निर्माण हो रहे ग्रिड सब स्टेशन का निर्माण भी तय समय पर पूरा किया जाने का उम्मीद है।

इस योजना के ज़रिए से बिहार के सीतामढ़ी, गोपालगंज, रक्सौल, बेतिया, रामनगर जैसे स्थानों पर निर्बाध बिजली की आपूर्ति की जाएगी। रक्सौल, सीतामढ़ी, गोपालगंज, बेतिया और नरकटियागंज ग्रिड सब स्टेशन को ये रक्सौल के रामगढ़वा प्रखंड में बेला ग्रिड से जोड़ने का काम किया जाएगा। यही सब ग्रिड स्टेशन ज़रिए नेपाल स्थित परवानीपुर ग्रिड में भी बिजली की आपूर्ति की जाएंगी। डिपार्टमेंट के जरिए बेला सब ग्रिड स्टेशन से जोड़े जाने पर इन्हीं क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति बिना किसी रुकावट के की जाएगी। वहीं, आने वाले वक्त में इन्ही ट्रांसमिशन लाइन से मोतिहारी को भी जोड़ने की तैयारी की गई है।

प्रतीकात्मक चित्र

सीतामढ़ी, रक्सौल और गोपालगंज को जोड़ने वाली ट्रांसमिशन लाइन और बेला ग्रिड सभी स्टेशन के बनाने में लगभग 450 करोड़ रुपये की लागत की जानी है। निर्माण कार्य में लगी केईसी कंपनी के जरिए यह योजना का आधा कार्य पूरा किया जा चुका हैं। जबकि कंपनी ने यह भी कहा कि योजना अभी तक पूरी हो जाती पर कोरोना के चलते लगे लॉकडाउन के कारण काम पूरा नहीं किया जा सका। कंपनी के अनुसार यह कार्य जून 2022 तक पूरा हो जाएगा।

महत्वकांक्षी योजना के जरिए नेपाल सहित बिहार के कई जिलों में बिजली आपूर्ति निर्बाध रूप से हो सकेगी। वहीं प्रभावित क्षेत्र के लोग भी यह योजना के पूरे होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

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