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पिता पटना में रहकर चलाते हैं ऑटो, बेटा-बेटी ने नीट में मारी बाजी, अब बनेगें डॉक्टर

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बीते दिनों मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट के परिणाम घोषित हुए हैं। एक बार फिर बिहार के छात्रों का जलवा देखने को मिला है। अब नक्सल प्रभावित क्षेत्र के बच्चे भी सफलता के बुलंदियों पर अपना नाम अंकित कर रहे हैं। राज्य के नक्सल प्रभावित जमुई जिले के छात्रों ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए परीक्षा में बाजी मारी है। कुल आधा दर्जन छात्रों ने नीट में कामयाबी पाकर जिले का नाम रोशन किया है।‌ कई ऐसे छात्र भी है जो बेहद साधारण परिवार से आते हैं उनके डॉक्टर बनने की खुशी से परिवार के लोग खुशी से गदगद हैं।

जमुई के सिकंदरा प्रखंड के तीन छात्रों ने सफलता पाई है। जमुई सदर के दो जबकि झाझा के एक बेटी को सफलता मिली है। सिकंदरा इलाके के ऑटो चालक के बेटे-बेटियों ने भी कमाल किया है, दोनों भाई-बहनों ने नीट परीक्षा में बाजी मारी है। मनोज सिंह पटना में रहकर ऑटो चलाते हैं उनके बेटे प्रिस प्रियदर्शी ने 691 अंक हासिल किए हैं, ईडब्ल्यूएस रैंक 32 जबकि आल इंडिया 390 रैंक है। वहीं बेटी अभिलाषा ने 720 अंक में 685 अंक लाकर परीक्षा में बाजी मारी है। बीते साल भी इनकी एक और बेटी ने नीट में कामयाबी पाई थी। आने वाले समय में घर के तीन चिराग डॉक्टर बनेंगे। पिता बेहद खुश और गौरवान्वित है।

बता दे कि मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेने के लिए लाखों अभ्यर्थी नीट की परीक्षा में शामिल होते हैं। इस साल 16 लाख छात्रों ने रजिस्ट्रेशन किया था जिसमें 90 फीसद छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे। नीट परीक्षा का हर साल आयोजन आयोजन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी करती है।

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