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पिता करते थे दिहाड़ी मजदूरी, बेटी ने यूपीएससी में सफलता हासिल कर बनी IAS अफसर

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भारत की सबसे प्रतिष्ठित और मुश्किल परीक्षा यूपीएससी को क्लियर करने का सपना हर साल लाखों अभ्यर्थी देखते हैं। वर्षों की मेहनत और दृढ़ संकल्प से अभ्यर्थी इस परीक्षा में सफलता पाते हैं। कहानी एक ऐसे आईएएस अफसर की जिन्होंने सामान्य पृष्ठभूमि से आकर यूपीएससी की परीक्षा में परचम लहराकर आईएएस बनने का सपना साकार किया। एस. अस्वती की कहानी सिविल सर्विसेज की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए प्रेरक है।‌

केरल से आने वाली एस. अस्वती बेहद ही साधारण परिवार से आती है। पिता तिरुवनंतपुरम में दिहाड़ी मजदूर कर परिवार का खर्च वहन करते हैं। ऐसे विपरीत परिस्थितियों में भी अस्वती ने IAS बनने की सोच ली। जब अस्वती ने 8वीं की पढ़ाई पूरी तभी उन्होंने सिविल सर्विसेज की ओर अग्रसर हो गई। बारहवीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद अस्वती ने गवर्नमेंट बार्टन हिल इंजीनियरिंग कॉलेज से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की।

पढ़ाई खत्म होते ही साल 2015 में TCS कोच्चि में नौकरी लगी। लेकिन आईएएस बनने की चाह में अस्वती ने साल 2017 में नौकरी छोड़ने का फैसला लिया और यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। अस्वती ने यूपीएससी की परीक्षा दी। और हाल ही में संघ लोक सेवा आयोग-2020 के घोषित नतीजे में अस्वती ने 481वीं रैंक हासिल की। उनके इस सफलता से परिवार भी बेहद खुश है। अस्वती की कहानी सिविल सर्विसेज के अभ्यर्थियों को पढ़नी चाहिए।

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