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बिहार में एक बार फिर BPSC के माध्यम से होगी शिक्षकों की नियुक्ति, जानिए नियम और शर्तें

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बिहार में शिक्षक बनने का सपना देख रहे अभ्यर्थियों के लिए बिहार सरकार एक बड़ी सौगात लेकर सामने आई है। बता दें कि बिहार के प्राथमिक उच्च माध्यमिक तथा उत्क्रमित मध्य विद्यालयों के लिए बीपीएससी के माध्यम से एक बार फिर शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। बता दें कि इस बात की घोषणा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 17 अगस्त को ही कर दिया था लेकिन हाल ही में हुए नीतीश कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। जानकारी के अनुसार इसके पहले भी बीपीएससी के माध्यम से राज्य के विद्यालयों के लिए शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है।

जानकारी के अनुसार, बिहार में बीपीएससी के द्वरा प्राथमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों में 45 हजार 892 हेडमास्टरों नियुक्ति की जाएगी। इनमें 40,558 पद प्राथमिक स्कूलों के प्रधान शिक्षकों की जबकि 5,334 प्रधानाध्यापक के पद उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालयों के होंगे। बता दे कि इसके पूर्व भी 1993 में भी शिक्षकों की बहाली के लिए बीपीएससी की ओर से परीक्षा आयोजित की गई थी। वही इस संबंध में शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि अबतक बिहार के स्कूलों में सबसे वरीय शिक्षक विद्यालय का संचालन करते थे पर अब प्रधान शिक्षक और प्रधानाध्यापकों के नए संवर्ग के पदों पर भी परीक्षा के माध्यम से नियुक्ति की जाएगी।

इसके साथ साथ बिहार के प्राथमिक स्कूलों में प्रधान शिक्षक पद के लिए अर्हता सरकारी स्कूल में आठ साल का शिक्षण तय किया गया है। वहीं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक के पद के लिए अपने मूल कोटि में 8 साल पूरा करने वाले सरकारी स्कूलों के शिक्षक की इसके लिए आवेदन दे सकते हैं। इसके साथ साथ बिहार के निजी विद्यालयों जैसे सीबीएसई, आईसीएसई बोर्ड के शिक्षक के पास 12 साल की सेवा का अनुभव होना चाहिए।

कैबिनेट की बैठक के बाद शिक्षा मंत्री ने कहा कि पूरी योजना बन चुकी है. प्रधान शिक्षक और प्रधानाध्यापक के पद पर जल्द से जल्द तैनाती की कोशिश होगी। इसके लिए बीपीएससी से भी प्रक्रिया को जल्द पूरा करने का अनुरोध किया जाएगा।

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