Connect with us

BIHAR

बिहार के सासाराम रेलवे स्टेशन पर रोजाना हजारों छात्र करते थे पढ़ाई, अब उनमे से सैकड़ों छात्र हैं सफल

Published

on

पढ़ाई के लिए माहौल की जरूरत होती है और इरादा आईएएस बनने का हो तो उसका जुनून और उत्साह दोगुना हो जाता है। यूपीएससी के प्रति बिहार के युवाओं को दीवानगी किसी से छिपी नहीं है, सीमित संसाधन में ही बिहार के युवाओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता का झंडा लहराया है। कहानी बिहार के ऐसे रेलवे स्टेशन की जहां के प्लेटफार्म पर बैठकर अभ्यर्थी यूपीएससी व प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते थे।

चर्चित आईएएस अधिकारी अवनीश शरण ने बिहार के सासाराम रेलवे स्टेशन की तस्वीर साझा की है। जिसमें छात्रों की बड़ी हुजूम प्लेटफार्म के जमीन पर बैठकर पढ़ाई कर रही है। उन्होंने कैप्शन में लिखा है, रोजाना सुबह और शाम 2 घंटे के लिए रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर यूपीएससी की तैयारी के लिए अभ्यर्थी पढ़ाई करते थे।

इंडिया टाइम्स के अनुसार सासाराम रेलवे स्टेशन पढ़ाई का बड़ा केंद्र हुआ करता था। जहां सैकड़ों छात्र रोजाना प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते थे, सीनियर स्टूडेंट्स जूनियर स्टूडेंट्स की मदद करते थे। यहां पढ़ने वाले बहुत सारे छात्र आज नौकरी कर रहे हैं, हालांकि यहां अब पढ़ाई बंद हो चुकी है।

सासाराम रेलवे स्टेशन पर बच्चे इसलिए पढ़ते थे, ताकि यहां 24 घंटे बिजली रहती थी। ज्यादातर छात्रों के गांव में बिजली की सुविधा उपलब्ध नहीं थी लिहाजा यहां पढ़ाई करते थे। छात्रों के पहचान पत्र भी बन गए थे। रेलवे प्रशासन भी छात्रों को मदद करती थी, बल्ब फ्यूज होने पर रेलवे प्रशासन उसे बदल देती थी। इसके बंद होने के पीछे की कारण साल 2019 में रेलवे की निजीकरण की खबर थी। यहां क्लासेज बंद हो गई। छात्रों ने इसका जमकर विरोध भी किया। पत्थरबाजी और तोड़फोड़ भी हुई।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.