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बिहार के लाल का विदेश में कमाल, बिहार के शरद हार्वर्ड यूनिवर्सिटी अमेरिका में बने छात्रसंघ अध्यक्ष

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बिहार के लाल ने कमाल कर दिखाया है। बिहार के शरद सागर ‘हार्वर्ड ग्रेजुएट स्कूल ऑफ एजुकेशन के’ छात्रसंघ अध्यक्ष चुने गए हैं। 50 देशों के 1200 से ज्यादा छात्रों ने शरद सागर के पक्ष में वोट किया है। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी छात्र संघ के चुनाव में बिहार के लाल शरद ने 9 प्रत्याशी को हराकर चुनाव जीता है, अब शरद 50 देशों के छात्रों का नेतृत्व करेंगे।

शरद विवेक सागर फेसबुक पोस्ट पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए लिखते हैं, 50 से अधिक देशों के 1200 से ज्यादा छात्र छात्राओं में 9 असाधारण उम्मीदवार, 1 चुनाव, आज हार्वर्ड ग्रेजुएट स्कूल ऑफ एजुकेशन छात्रसंघ अध्यक्ष चुने जाने पर मुझे बहुत खुशी है।’ बता दें कि हावर्ड में छात्र संघ के लिए 14 सितंबर से चुनाव शुरू हुए थे, जो कि 19 सितंबर को समाप्त हुआ था। शरद सागर मई 2022 तक यानी अपने दीक्षांत समारोह तक छात्र संघ के अध्यक्ष पद पर काबिज रहेंगे। शरद हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में सबसे ज्यादा स्कॉलरशिप प्राप्त करने वाले छात्र रहे हैं, केसी महिंद्रा के भी स्कोलर रह चुके हैं। शरद सागर मशहूर टीवी शो कौन बनेगा करोड़पति में गेस्ट एक्सपर्ट बन चुके हैं।

शरद की कामयाबी का एक उदाहरण है, कि साल 2016 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इकलौते भारतीय के रूप में व्हाइट हाउस में एक विशेष सभा के लिए न्योता दिया था। आज के युग के विवेकानंद कहे जाने वाले शरद अमेरिका में विभिन्न सेमिनार भारत की अगुवाई कर वैश्विक पटल पर जलवा बिखर चुके हैं।

बिहार के एक सामान्य पृष्ठभूमि से आने वाले शरद मिलनसार स्वभाव और बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं। शुरुआती पढ़ाई गांव में होने के बाद आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने शहर का रुख किया था। महज 16 साल की उम्र में ही शरद ने राष्ट्रीय संगठन डेक्सटेरिटी ग्लोबल की स्थापना की। वैश्विक पटल पर प्रसिद्धि प्राप्त शरद 24 साल के थे, तब फॉर्ब्स की 30 साल तक की आयु के 30 सबसे प्रभावशाली उद्यमियों के लिस्ट में शुमार थे।

अमेरिका रहने के दौरान भी शरद ने भारतीयता को नहीं भूला, धर्म गुरुओं के सानिध्य में रहते हुए भारतीय दर्शन के सैनिकों को लोगों के बीच प्रस्तुत करते रहें। ज्यादा से ज्यादा भारतीय लोगों तक उनकी बात पहुंचे इसके लिए शरद सोशल साइट फेसबुक पर अपने पोस्ट को हिंदी में ही लिखते हैं। आज शरद के कामयाबी पर पूरा बिहार गौरवान्वित हो रहा है।

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