बिहार के भूमिहीन लोगों के लिए खुशखबरी, राजस्व विभाग की तैयारी शुरू, डीएम के प्रस्ताव पर सरकार देगी पैसा

जिसके पास जमीन नहीं है, वैसे लोगों को आवास देने के लिए भूमि खरीदने की कवायद तेज होगी। जिले के डीएम को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने कहा है कि वह जमीन की खरीद में खर्च होने वाली पैसे की मांग से जुड़ी अधियाचना विभाग को भेजें। जमीन की कमी के चलते आवास निर्माण में रुकावट ना हो इसके लिए सरकार पैसे देगी। विदित हो कि बिहार सरकार भूमिहीनों को आसरा देने के लिए बसेरा अभियान चला रही है। एक घर निर्माण के लिए सरकार के द्वारा 3 डिसमिल जमीन देने का प्रावधान है।

सरकार के द्वारा गैर मजरूआ मालिक, बंदोबस्ती से प्राप्त, भू-हदबंदी से फाजिल और गैर मजरूआ आम जमीन पर इन्हें आसरा दे रही है, लेकिन हर जगह इस कैटेगरी की जमीन नहीं है। जहां इस कैटेगरी की जमीन नहीं है, वहां रैयतों से जमीन खरीद कर सरकार भूमिहीनों को जमीन उपलब्ध करा रही है। अभी बड़ी तादाद में भूमिहीन आवास से पीछे छूटे हुए हैं। सरकार की अलग-अलग योजनाओं के तहत इन्हें आवास इकाई का आवंटन तो कर दिया जाता है, लेकिन जमीन के कमी के चलते निर्माण नहीं हो पा रहा है।

ब्रजेश मेहरोत्रा (अपर मुख्य सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग) ने जिले के डीएम को कहा है कि अभियान बसेरा के बावजूद भी कितने लाभार्थियों के पास घर के लिए जमीन नहीं है उसकी समीक्षा करें। परिवारों की लिस्ट बनाकर विभाग के पोर्टल पर अपलोड करें। बता दें कि साल 2011 में यह योजना शुरू हुई थी। सरकार ने 3 डिसमिल जमीन खरीद हेतु 20 हजार रुपए राशि तय की थी फिर उसके बाद 60 हजार रुपए कर दिया गया लेकिन ग्रामीण इलाकों में इतने पैसे से वास के लिए जमीन खरीदना संभव नहीं है। जिसका परिणाम यह है कि पूर्व में जिन जिलों को राशि आवंटन कर दी गई लेकिन आवश्यकता के अनुसार जमीन खरीद नहीं हो सकी।

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