देश का 8वां नैनो यूरिया फैक्ट्री बिहार के इस जिले में होगा स्थापित, राज्य में खत्म होगी यूरिया की किल्लत

बेगूसराय जिले के बरौनी में बन रहे हर्ल खाद फैक्ट्री में नैनो एरिया का प्लांट बहुत जल्द लगेगा, जिससे किसानों को इको यूरिया मुहैया हो सके। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं उर्वरक मंत्री डॉ मनसुख मांडवीया ने फैक्ट्री के निर्माण कार्यों का मुआयना करने के बाद शनिवार को इसकी घोषणा की। केंद्रीय मंत्री ने यहां अफसरों के साथ बैठक भी की। हर्ल के सीएमडी आरसीएफ एवं एमडी एससी मुदगेरीकर ने जानकारी दी कि निर्माण कार्य का 88 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। यहां से यूरिया का उत्पादन 30 अगस्त 2022 से शुरू करने का टारगेट है।

एनटीपीसी, एफसीआइएल, कोल इंडिया, आइओसीएल एवं एचएफसीएल के संयुक्त उपक्रम हिंदुस्तान उर्वरक रसायन लिमिटेड ने मातहत बरौनी खाद फैक्ट्री का निर्माण कार्य 18 मई 2028 को शुरू हुआ। बता दें कि इसका निर्माण 7043 करोड़ की राशि खर्च कर 336 एकड़ में हो रहा है।

केंद्र सरकार के मंत्री ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने गुजरात के कलोल में 28 मई को देश के पहले नैनो यूरिया फैक्ट्री का उद्घाटन किया। इस फैक्ट्री से प्रतिदिन 500 मिली लीटर की तकरीबन 1.5 लाख बोतलों का प्रोडक्शन होगा। इस फैक्ट्री के बाद देशभर में 8 नैनो प्लांट खोलने का प्लान है। बरौनी में भी नैनो प्लांट खोला जाएगा। मौके पर बेगूसराय के सांसद सह केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह एवं बिहार सरकार के मंत्री मंगल पांडे उपस्थित थे।

दूसरी ओर, हाजीपुर के राष्ट्रीय औषधीय शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान में शनिवार को हुई समारोह में केंद्रीय मंत्री केंद्रीय मंत्री डॉ मनसुख मांडवीया ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि देश में रोजगार के मौके बढ़ाने और गवर्नमेंट के आत्मनिर्भर मुहिम के लिए इंडस्ट्री और एकेडमी के बीच समन्वय होना जरूरी है।

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